UPI धोखाधड़ी कैसे होती है — असली तरीके जानें
धोखेबाज अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, कैशबैक एजेंट या किसी जानी-पहचानी सेवा का प्रतिनिधि बताते हैं। वे WhatsApp या SMS पर ऐसे लिंक भेजते हैं जो बिल्कुल असली UPI ऐप जैसे दिखते हैं — लेकिन होते नकली हैं। इंदौर से चंडीगढ़ तक, हर शहर में लोग नकली QR कोड स्कैन करके पैसे गंवा चुके हैं। PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे परिचित
ऐप के नाम का इस्तेमाल करके भरोसा जीता जाता है। याद रखें — UPI से पैसे भेजने के लिए आपका पिन मांगा जाता है, पाने के लिए नहीं। अगर कोई आपसे पिन मांगे, तो वह हमेशा धोखाधड़ी है।